*--II ● विवेक विचार ● II--*

        *--II ● विवेक विचार ● II--*
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  • जुलै 29 2026

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*सातत्यपूर्ण संकल्पाचा अखंडित ३३४६ वा दिवस*  

         केवळ वैदिक धर्मानेच चार पुरुषार्थाची मांडणी केली. धर्म अर्थ काम आणि मोक्ष या चार पुरुषांथांच्या आधारे सामाजिक नितीनियमांची रचना केली. हिंदुस्थानात कुमारीलभट्टांनी पुन्हा कर्ममार्गाचा प्रसार केला. आद्य शंकराचार्य आणि रामानुजाचार्य यांनी वैदिक धर्माची पुन्हा दृढपणे प्रतिष्ठापना केली. धर्म अर्थ काम आणि मोक्ष या चार पुरुषांथांची समतोल रचना त्यांनी समाजात निर्माण केली. अशा रीतीने राष्ट्राला नवचैतन्याच्या मार्गावर आणून ठेवली पण तीस कोटींचे हे राष्ट्र जागे व्हायला वेळच लागणार. तीस कोटींचे पुनरुत्थान ही काय एका दिवसात वा एका रात्रीत होणारी गोष्ट आहे काय?
                             *स्वामी विवेकानंद...*                        
*●आपला दिवस आनंदमय, मंगलमय होवो●*
*★ भारतीय सौर श्रावण ७ शके १९४८*
★ आषाढ पौर्णिमा 
★ शालिवाहन शके १९४८
★ शिवशक ३५१
★ युधिष्ठिर शके युगाब्द ५१२७
★ विक्रम (रौद्र) संवत्सर २०८३
★ बुधवार दि. २९ जुलै २०२६                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                      
★ व्यासपौर्णिमा, गुरुपौर्णिमा.
★ 'महाभारत' या महाकाव्याचे रचनाकार महर्षी कृष्णद्वैपायन वेदव्यास यांचा जन्मदिन. 
★ १९०४ भारतीय नागरी विमान वाहतूकीचे जनक, वैमानिक, सुप्रसिध्द उद्योगपती, भारतरत्न जहांगीर रतनजी दादाभाॅय तथा जे. आर. डी. टाटा यांचा जन्मदिन.
★ १९२२ इतिहासकार, लेखक  शिवशाहीर बळवंत मोरेश्वर तथा बाबासाहेब पुरंदरे यांचा जन्मदिन.
★ १९४६ टाटा एअरलाईन्सचे राष्ट्रीयीकरण करुन 'एअर इंडिया' असे नामकरण करण्यात आले.
*★ अखण्डमण्डलाकांर व्याप्तं येन चराचरम्।*
*तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः।।*
*अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानार्जन शलाकया।*
*चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः ॥*
वीर हनुमानाचा विचार केल्याशिवाय आपल्याला प्रभु श्रीरामचंद्रांचा विचार करता येत नाही, तसेच अर्जुन- श्रीकृष्ण, बुध्ददेव-आनंद, येशू ख्रिस्त-सेंट पॉल आदी गुरु-शिष्य परंपरेची उदाहरणे देता येतील. एकाचा नामोल्लेख केला असता, ओघानेच दुसऱ्याचे नाव सहज मुखात येते. श्रीरामकृष्ण आणि स्वामी विवेकानंद या गुरु-शिष्यांचा संबंध अशाच प्रकारचा आहे, कारण श्रीरामकृष्ण हे मूळच्या झऱ्यासारखे असून स्वामी विवेकानंद हे या झऱ्याचे पाणी वाहून नेणाऱ्या प्रवाहासारखे आहेत.
★ गुरुपौर्णिमेच्या मंगलदिनी समस्त गुरु-शिष्यांना माझा साष्टांग दंडवत, सादर प्रणाम.
*संकलन - प्रा. अमोल श्रीकृष्ण अहिरे, नाशिक*

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